ठाणे: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शनिवार को महाराष्ट्र के ठाणे जिले की भिवंडी अदालत में पेश हुए। यह मामला आरएसएस कार्यकर्ता द्वारा दायर मानहानि केस से जुड़ा है। अदालत ने उन्हें नया जमानतदार पेश करने का निर्देश दिया था, क्योंकि उनके पूर्व जमानतदार और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का दिसंबर 2024 में निधन हो गया था।
हर्षवर्धन सपकाल बने नए जमानतदार
राहुल गांधी ने इस मामले में महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल को नया जमानतदार नियुक्त किया। उनके वकील नारायण अय्यर ने बताया कि हर्षवर्धन सपकाल ने अदालत में जमानत संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत किए, जिन्हें न्यायाधीश ने स्वीकार कर लिया। इस दौरान राहुल गांधी कोर्ट में मौजूद रहे और बेल बॉन्ड पर हस्ताक्षर किए।
कांग्रेस नेताओं ने जताई प्रतिक्रिया
कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि राहुल गांधी संसद से लेकर सड़क तक जनता के मुद्दे उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए अलग-अलग जिलों में उनके खिलाफ मामले दर्ज कराए जा रहे हैं।
वहीं कांग्रेस नेता नसीम खान ने कहा कि राहुल गांधी ने हमेशा संविधान की रक्षा की बात की है और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए संघर्ष किया है। उनके अनुसार, जब-जब राहुल गांधी किसानों, जवानों और आम जनता के मुद्दे उठाते हैं, तब-तब भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े लोग उन पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं।
2014 के बयान से जुड़ा मामला
गौरतलब है कि 6 मार्च 2014 को एक रैली में राहुल गांधी ने कथित तौर पर कहा था कि आरएसएस की महात्मा गांधी की हत्या में भूमिका रही थी। इस बयान पर स्थानीय आरएसएस कार्यकर्ता राजेश कुंटे ने आपत्ति जताते हुए उनके खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया था।
इससे पहले सुबह राहुल गांधी के मुंबई एयरपोर्ट पहुंचने पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। हालांकि, उन्होंने मीडिया से बातचीत नहीं की और सीधे अदालत के लिए रवाना हो गए।